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SATAKSHI SRIVASTAVA

Classics


2  

SATAKSHI SRIVASTAVA

Classics


कहानी !

कहानी !

1 min 258 1 min 258

नज़रें मिलाकर नज़र अंदाज़ जो करोगी तो

रुखसार पर गुल खिलाना है मुझको। 


 दिलों को मिलाकर जो दिल पेश कर दो तो

दिल ले के दिल में समाना है मुझको।


मिलन की घड़ी है जो आओ मिलन को तो,

मिलन हुस्नों इश्क का मिलाना मुझको। 


कहानी हमारी बने जो कहानी तो

सुबह तक कहानी सुनाना है मुझको।


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