STORYMIRROR

Sonias Diary

Abstract

3  

Sonias Diary

Abstract

कहानी पन्नों की

कहानी पन्नों की

1 min
179

अन्दर एक कौतूहल 

और बाहर है सन्नाटा ....

ज़ज्बात उमड़ रहे...

शब्दों में..

बिखरे रंगों में...

बिखरी बिखरी सी उमंग...

और चादर सुनहरी...

ध्वनि एक अन्दर...

साँसों की ....

और ख़ामोशी लफ़्ज़ों की।

मैं और मेरे ज़ज्बात...

कहानी पन्नों की ।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract