कहानी हो गए
कहानी हो गए
विवाद करने वाले नहीं है अब
शोर करते थे परिंदे सो गए।
कोई आहट कोई दस्तक नहीं
भूली बिसरी इक कहानी हो गए।
मुद्दत से हमारे आईने पे धूल थी
आँसुओं के सील उस को धो गए।
वो रोता था, वो हँसाता भी था
अब ज़माना हो गया उस को गए।
सुनते थे लोरियां मां बाप की
आधुनिकता की कहानी में खो गए।
मिल बैठते थे अपने दोस्तों संग
अपनी अकेली जिंदगानी में सो गए।
