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Ekta Rishabh

Fantasy

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Ekta Rishabh

Fantasy

खामोश रहा ना करो !!

खामोश रहा ना करो !!

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सुनो, जो दिल में बातें है तुम्हारे

वो मुझसे कह दिया करो,

शिकवे शिकायतें सुना दिया करो,


जी चाहे तो लड़ भी मुझसे पर

यूँ मौन ना रहा करो,

एक पहली सी बन जाते हो जब

लफ्ज़ तुम्हारे खामोश हो जाते है,


उदासी की चादर से खुद को यूं ढका ना करो..

देखो तुम यूं रूठा ना करो..

ना हूँ मैं अंतर्यामी,

जो जान लू तेरी हर खामोशी को,


जो लफ्जों से ना कह सको तो इशारों में

ही जतला दिया करो

लेकिन यूँ खामोश ना रहा करो।


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