STORYMIRROR

Sumit. Malhotra

Abstract Romance Action

4  

Sumit. Malhotra

Abstract Romance Action

ख़ामोश आँखें

ख़ामोश आँखें

1 min
551

दूर से देखिए तो लगता है आसान, 

लगता ये प्यार कितना है आसान। 


यह वो मीठा-मीठा प्यारा सा है दर्द, 

जीवन-भर साथ रहता बन सिरदर्द। 


बचकर रहना आज के समयानुसार, 

सुन्दर हसीन बेवफ़ाओं से ज़रा यार। 


निभाती है ये प्यार में वफ़ादारी कम,

बेवफ़ाई दग़ाबाज़ी धोखे की दुकान।


ख़ामोश आँखें राह तकती रहे हमारी, 

इनको धन-दौलत ऐशो-आराम प्यारी।


ख़ामोश आँखों का कसूर सिर्फ़ इतना,

अमीर बनाने का पूरा नहीं हुआ सपना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract