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राजेश "बनारसी बाबू"

Inspirational

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राजेश "बनारसी बाबू"

Inspirational

*_कभी खुद से बात कर लिया करो न

*_कभी खुद से बात कर लिया करो न

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कभी खुद से बात कर लिया करो ना मॉम

आप क्या चाहते हो और क्या पाते हो मॉम

फटी साड़ी कुछ कहती है ना मांँम,

टूटे ऐनक कुछ कहते हैं ना मॉम,

सबके तो हो ही लिए हो आप,

कभी खुद की भी हो जाओ ना मॉम,

कभी खुद से भी बात कर लिया करो ना मॉम,

जब हमें चोट लगता हम आपसे हैं कहते,

हमारे नखरे आप सब कुछ सहते,

हम सबके लिए घड़ी हो आप,

सुबह से रात तक जागाते हो आप,

बिन बोले आप घड़ी बन जाती,

अनवरत दिन-रात मशीन बन जाती,

अपने ख्वाइश के गले घोंटकर,

अपने सपनों के मुंह मोड़ कर, 

हमारे सपने पूरे कर जाती हो ना माँम,

 कभी खुद के खुशी के लिए किया करो ना मांँम,

 हमें कुछ हो जाता है हम आपसे कहते ,

आपको कुछ हो जाता है आप किससे कहते,

चंद दिन पहले दवा खत्म हो गई,

ऐनक आपकी गिरी टूट गई,

कुछ क्यों नहीं कहते हो माँम,

आप इतना क्यों सोचते हो मॉम,

हम कारण बापू से मार खा जाते,

बिन बोले सब कुछ सह जाते,

कभी खुद से भी कुछ पूछ लिया करो ना मॉम,

यूं तो आप बताते नहीं हो माँम,

फिर भी मैं समझता हूं ना माँम

आप तो समझते हो ना मॉम

मेरी तो आप स्ट्रैंथ हो मॉम,

मुझे दुनिया से नहीं मतलब,

 मेरी तो आप दुनिया हो माँम,

कभी खुद से भी बात कर लिया करो ना माँम।

 



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