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Richa Goswami

Romance

4  

Richa Goswami

Romance

कैदी

कैदी

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अंधेरों की साजिशें रोज रोज होती है

फिर भी जीत रोज सुबह उजाले की होती है


कैद है एक पंछी जिसे

आजाद कराने की तलब रोज होती है


मगर मैं कैद हो जाऊँ किसी के इश्क में

यह अर्ज खुदा से रोज होती है।


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