Kanika Verma
Romance
वाइन बोतल में क़ैद एक कविता है
मेरे होंठ छूते ही
वाइन बोलने लगती है।
मैं इस जिस्म में क़ैद एक कविता हूँ
तेरे होंठ छूते ही
मैं बोलने लगती हूँ।
तुम्हारे साथ
कनिका: नाम एक...
प्रेम मिलन
आओ, ख़त्म कर ...
बेबाक बिंदास ...
क़ैद कविता
तेरे नाम की क...
आसान था
जब सोचती हूं उसके बारे में, उसके उन एहसासों में खो जाती हूं, जब सोचती हूं उसके बारे में, उसके उन एहसासों में खो जाती हूं,
पायल छनकी, चूड़ी खनकी! बात अधर पर, रह गई मन की! पायल छनकी, चूड़ी खनकी! बात अधर पर, रह गई मन की!
वो लम्हे कितने हसीं हुआ करते थे जब तुम्हारे हाथ हमें छुआ करते थे। वो लम्हे कितने हसीं हुआ करते थे जब तुम्हारे हाथ हमें छुआ करते थे।
जिंदगी यूं ही खो न जाए कहीं, संग बस प्रेम से निभाना प्रिये। जिंदगी यूं ही खो न जाए कहीं, संग बस प्रेम से निभाना प्रिये।
धानी चुनर ओढ़ प्रकृति शिवजी को रिझाने लगी है! धानी चुनर ओढ़ प्रकृति शिवजी को रिझाने लगी है!
मैं तो हूँ एक सहज समझ से उद्द्रित सोच का बन्दा ! मैं तो हूँ एक सहज समझ से उद्द्रित सोच का बन्दा !
तुमको देखे बिना करार नहीं था मुझे तुमको देखते बातें करते अच्छा लगता था मुझे तुमको देखे बिना करार नहीं था मुझे तुमको देखते बातें करते अच्छा लगता था मुझे
मंगल परिणय हो गया तुमसे, अब मेरा परिवार हो तुम। मंगल परिणय हो गया तुमसे, अब मेरा परिवार हो तुम।
खुशी महसूस होती है तुम्हारे साथ रहने में। तुमसे दूर रहना अब मेरे दिल पर कयामत है। खुशी महसूस होती है तुम्हारे साथ रहने में। तुमसे दूर रहना अब मेरे दिल पर कयामत...
वक्त क्या बदला तू भी बदल गई मैं आज भी वही हूँ जो कल तलक था। वक्त क्या बदला तू भी बदल गई मैं आज भी वही हूँ जो कल तलक था।
जिसमें दफ़न कर रखा है यादें और खुशबू हमारे प्यार की। जिसमें दफ़न कर रखा है यादें और खुशबू हमारे प्यार की।
ये साँसों की नरमी, घटा जुल्फ की, लाली, होंठों के रस की, मुस्कान की, ये साँसों की नरमी, घटा जुल्फ की, लाली, होंठों के रस की, मुस्कान की,
ये वादियाँ क्या कहती हैं..? सुनो ध्यान से। ये वादियाँ क्या कहती हैं..? सुनो ध्यान से।
ए शहर जरा सा हंस दे तू मेरा प्रियतम आने वाला है। ए शहर जरा सा हंस दे तू मेरा प्रियतम आने वाला है।
प्रेम ही तो एकमात्र ऐसी अनुभूति होती है जो किसी को भी आत्मविभोर करने की ताकत रखती प्रेम ही तो एकमात्र ऐसी अनुभूति होती है जो किसी को भी आत्मविभोर करने की ...
ये इश्क़ में आदमी की जिंदगी भी छूट जाती है। ये इश्क़ में आदमी की जिंदगी भी छूट जाती है।
लाख शोहरत पा भी लूँ दुनिया में साथ उनके चलना ही मेरे सर का ताज है लाख शोहरत पा भी लूँ दुनिया में साथ उनके चलना ही मेरे सर का ताज है
सिर्फ अकेले तुम, तुम मेरा पूरा परिवार हो I तुम हो तो मैं संपूर्ण हूँ। सिर्फ अकेले तुम, तुम मेरा पूरा परिवार हो I तुम हो तो मैं संपूर्ण हूँ।
उम्र की लौ आहिस्ता-आहिस्ता बुझ रही है। उम्र की लौ आहिस्ता-आहिस्ता बुझ रही है।
अब घड़ी आ गई भीगी हुई यादों को हकीकत बनाने की। अब घड़ी आ गई भीगी हुई यादों को हकीकत बनाने की।