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Anil Jaswal

Inspirational

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Anil Jaswal

Inspirational

काश! बापू मैं भी होता।

काश! बापू मैं भी होता।

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आज जब भी खाली होता,

दिमाग रोज़मर्रा की समस्याओं की ओर जाता,

कैसे हालात हो गए हैं,

लोगों का चाल चलन कितना बदल गया है,

तो दिमाग बापू तुम्हारे पास चला जाता,

और तुमसे सब सीखने को मन करता।


तुम कैसे इतना सादा जीवन जीते थे,

एक हाथ से बुनी धोती और चादर को पहने रहते थे,

सबको सूत कातते को‌ प्रेरित करते थे,

जिससे हर किसी को आत्म निर्भर होने का बोध‌ हुआ,

उन्होंने विदेशी पहनना छोड़ दिया,

बल्कि जो अपने पास था,

उसे जला दिया,

इससे मानचेस्टर की आर्थिकी हिली,

कई फैक्ट्रीयां बंद हो गई,

मैं सब तुमसे सीखता,

और आज चीनी सामान का विरोध करता।


तुम एक बार किसान आंदोलन में गए,

किसानों ने गुस्से में आकर,

पुलिस स्टेशन जला दिया,

कई अंग्रेज पुलिस कर्मी मारे गए,

तुमने‌ तुरंत वो आंदोलन वापस लिया,

जा‌ने जाने का पश्चाताप किया,

जब की हर आंदोलनकारी ने इसका विरोध किया,

लेकिन तुम वलां कहां असूलों ‌‌‌‌‌से गिरते‌ थे,

अपनी बात पे अडिग रहे,

मैं तुम्हें करीब से अनुसरण करता,

कैसे सारी दुनिया एक तरफ थी,

अंग्रेजों की दुश्मन थी,

परंतु तुमने न सिर्फ अपनी बात मनवाई,

बल्कि बाकि आंदोलन पर भी प्रभाव न‌ पड़ने दिया।


बापू तुम तो एक स्वयं,

बहुत बड़ा संस्थान थे,

हर रोज शोध करते थे,

नये नये विचार निकालते थे,

मैं भी तुम्हारी इस प्रयोगशाला में,

तुम्हारा सहयोगी बनता,

और तुम्हारे कर्मों में,

अपनी भी आहुति देता।



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