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Madhusudan Shrivastava

Classics

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Madhusudan Shrivastava

Classics

जय शिव जय शिव जय बोलो

जय शिव जय शिव जय बोलो

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मस्ती में बोलो शिव शंकर, 

बम बम बम बम बम बम बोलो। 

प्रभु पर अर्पण सब कुछ करके, 

तुम जय शिव जय शिव जय बोलो। 


हिम है तुमसे, सागर तुमसे, 

तुमसे ही यह हिमालय है। 

शिवालय में तुम ही हो प्रभु

तुम में ही यह शिवालय है। 


करके तर्पण निज पापों का, 

बम बम बम बम बम बम बोलो। 

तुम जय शिव जय शिव जय बोलो। 


तुम निराकार, तुम गुणाकार, 

तुमसे ही यह संसार प्रभो। 

सत्, प्रेम, धर्म-ध्वज लाने को

तुम ही लेते अवतार प्रभो। 


भरकर हिय में तुम प्रेमभक्ति, 

बम बम बम बम बम बम बोलो

तुम जय शिव जय शिव जय बोलो। 


तुम परमपिता तुम परमेश्वर

तुम जगपालक तुम जगदीश्वर

तुम हिय में सबके हो रहते

तुम ही हो जगत के संहारक


सुमिरन करके दुःखहर्ता का

बम बम बम बम बम बम बोलो

तुम जय शिव जय शिव जय बोलो। 


हे उमापति, हे रमापति

समभाव मनुज मे बना रहे। 

सुख-शांति प्रेम हो धरती पर

सद्भाव सभी में बना रहे । 


हे हिमरक्षक, हे त्रिपुरारी! 

सुखमय जीवन सबका करदो। 

सबकी झोली को हे प्रभुवर

धन और वैभव से तुम भर दो। 


मन में भर कर उल्लास सभी

बम बम बम बम बम बम बोलो। 

तुम जय शिव जय शिव जय बोलो। 


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