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Deepshikha Nathawat

Abstract Inspirational Others

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Deepshikha Nathawat

Abstract Inspirational Others

जवान(soldier)

जवान(soldier)

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200

 A Tribute for a soldier

हमला कारगिल का हो या ऊरी का, वहाँ मरता तो एक जवान है

 लड़ता है आखिरी सांस तक और फिर खोता तो अपनी जान है

 किसी माँ का लाल किसी की मांग का सिंदूर उनका तो वो जहान है 

 किसी बहन की राखी की लाज , उसके लिए तो वो हीरो की खान है

 कब बंद होगा ये खुनी मौत का खेल क्या ये ही एक मुल्क की आन है 

फौज में भेजने से डरती है एक माँ वो बेटा है या कोई निर्जीव सामान है 

फौजी का परिवार पथ निहारे उसका, किसको पता देश पर लुटा दी उसने जान है.. 

फौजी के परिवार से पूछो उसकी कीमत क्या फौजी बनना इतना आसान है.... 



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