STORYMIRROR

Deepshikha Nathawat

Abstract Inspirational

3  

Deepshikha Nathawat

Abstract Inspirational

पापा मेरे आदर्श

पापा मेरे आदर्श

1 min
127

माना कि ज्यादा कभी आपको बता नहीं पायी कि आप मेरे लिए क्या हो? 

काश कह पाती कि आप मेरी जिंदगी की खुशी और रंगों भरा कारवां हो|

अपना हर सपना भूलकर दिन रात आपने मेहनत कर हमारी परवरिश की

हमें दी हमेशा वो हर एक चीज जिसकी हमने जीवन में कभी भी ख्वाहिश की 

काम करते थे आप तीन चार शिफ्ट में माथे पर शिकन बिल्कुल ना लाते थे

जो भी मां कह देती थी आपको बस हमेशा उनकी हां में हां मिलाते थे

बचपन से आज तक पिता होने का हर फर्ज आपने पूरी तरह निभाया है

आपने आठ महीने अस्पताल में रहकर कैंसर जैसी बीमारी को हराया है

देना मुझे इतनी हिम्मत की आपकी तरह इस परिवार को संभाल पाऊं

मुझे देना आशीष यही कि कभी ना हारूँ मैं चाहे कितनी भी थक जाऊं


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract