Rekha Shukla
Action Inspirational
बिखरने के तो लाख बहाने मिल जायेगे
आओ हम जुड़ने के अवसर ढूंढे....
यह जरूरी नहीं कि हर शख्स
हमसे मिलकर खुश हो
मगर हमारा प्रयास यह रहे कि,
हमसे मिलकर कोई दुखी न हो।
ज़ख़मी सांसे ...
माँ
रूठे
शब्द
एक लम्हां सो ...
पायल
ख़ुदा
रंग कलम से बे...
सैयो
ओ' परवर दिगार...
यह कविता शहीदों को सलामी देने का प्रयत्न है। यह कविता शहीदों को सलामी देने का प्रयत्न है।
सौगंध मातृभूमि की तुमको- विजय युद्ध विधान करो। सौगंध मातृभूमि की तुमको- विजय युद्ध विधान करो।
क्या लिखूँ तुझ पे, तू तो सरहदों का वारिस है, मालिक है तू वतन का, मातृभूमि तेरी विरासत है।। क्या लिखूँ तुझ पे, तू तो सरहदों का वारिस है, मालिक है तू वतन का, मातृभूमि त...
जिनसे वो पत्थर टूटे ताकत के धनवान कहाँ है मिट्टी के भगवान बहुत है मिट्टी के इंसान कहाँ है । जिनसे वो पत्थर टूटे ताकत के धनवान कहाँ है मिट्टी के भगवान बहुत है मिट्टी के इंस...
ना मेरे लिए ना तेरे लिए, जिंदगी मिली है जीने के लिए, आ इस पल को जी ले जरा, ये ना पूछ कि किसके ल... ना मेरे लिए ना तेरे लिए, जिंदगी मिली है जीने के लिए, आ इस पल को जी ले जरा, ...
तू जिंदा दिल मे हमारे लो पढ़ लो मेरी चिट्ठी को। होकर बलिदानी चन्दन तूने जन्मभूमि सम्मान दिया। तू जिंदा दिल मे हमारे लो पढ़ लो मेरी चिट्ठी को। होकर बलिदानी चन्दन तूने जन्...
चिंतन नहीं, मंथन नहीं, माकूल जवाब कोई देता नहीं। चिंतन नहीं, मंथन नहीं, माकूल जवाब कोई देता नहीं।
'इस देश के ये दीवाने हैं, और मौत के ये परवाने हैं, मेरी खातिर, मेरे बेटे, तेरे चरणों में शीश चढाएंगे... 'इस देश के ये दीवाने हैं, और मौत के ये परवाने हैं, मेरी खातिर, मेरे बेटे, तेरे च...
असत्य की राह पर सत्य की ही विजय, भारत देश के हर सपूत कहलातें हैं अजय ! असत्य की राह पर सत्य की ही विजय, भारत देश के हर सपूत कहलातें हैं अजय !
हर हाथ में तिरंगा हो, ये देश हम सभी का है। हर हाथ में तिरंगा हो, ये देश हम सभी का है।
क़ुर्बानी तो तूने दे डाली, पर अनुषठान अभी भी बाक़ी है व्रत तो रखे नवरात्रे में, पर रमज़ान अभी भी ... क़ुर्बानी तो तूने दे डाली, पर अनुषठान अभी भी बाक़ी है व्रत तो रखे नवरात्रे में...
यह कविता पानी के विभिन्न स्वरूपो का वर्णन दर्शाता है । यह कविता पानी के विभिन्न स्वरूपो का वर्णन दर्शाता है ।
सुनकर भारत की दहाड़, पतलून तेरी ढ़ीली है ! भाग, कहाँ तक भागेगा, बोल, कहाँ तेरी बोली है ? सुनकर भारत की दहाड़, पतलून तेरी ढ़ीली है ! भाग, कहाँ तक भागेगा, बोल, कहाँ तेरी ...
उसके इन शब्दों के आगे टूट गया सब ताना बाना न कलम फिर चल पाई ना बह पाई नीली स्याही। उसके इन शब्दों के आगे टूट गया सब ताना बाना न कलम फिर चल पाई ना बह पाई नीली स्...
चौंकिये मत जनाब, कोई नया जन्म नहीं हूँ तो वही पुरानी नारी मैं... पर बस, अब और ना बेचारी मैं। चौंकिये मत जनाब, कोई नया जन्म नहीं हूँ तो वही पुरानी नारी मैं... पर बस, अब और...
This poem shows reality of the some part of society. This poem shows reality of the some part of society.
क्या धुंधली अभिलाषा लेकर महाशून्य में ताक रहे, या फिर बढ़कर किसी शिखर की ऊँचाई को आँक रहे । क्या धुंधली अभिलाषा लेकर महाशून्य में ताक रहे, या फिर बढ़कर किसी शिखर की ऊँचाई...
सैनिक जाग रहा बॉर्डर पर, हम बैडरूम में जागे बैठे हैं, वो लड़ रहा देश के दुश्मनों से, हम मच्छरों ... सैनिक जाग रहा बॉर्डर पर, हम बैडरूम में जागे बैठे हैं, वो लड़ रहा देश के दुश्मन...
हर हिंदूस्तानी की दिल से गुहार है अब, भारत से यह आतंकवाद मिटाना जरुरी है। हर हिंदूस्तानी की दिल से गुहार है अब, भारत से यह आतंकवाद मिटाना जरुरी है।
बचाकर अपनी देश का स्वाभिमान बन जाता सबकी आँखों का तारा है। बचाकर अपनी देश का स्वाभिमान बन जाता सबकी आँखों का तारा है।