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Dr.Pratik Prabhakar

Romance Fantasy

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Dr.Pratik Prabhakar

Romance Fantasy

जरूरत

जरूरत

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मेरे अंधियारे जीवन में

लौ की जरूरत

मेरे अरमान के आकाश में


सूरज की जरूरत

मेरे खाली दिल में

धड़कन की जरूरत

मेरे खाली मंदिर में


मूरत की जरूरत

मेरे आँखों में बसे

सूरत की जरूरत

मेरे रगों के खून में


उबाल की जरूरत

मेरे संसार में

बबाल की जरूरत

पुकारा करूँ एक नाम

उस नाम की जरूरत।


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