STORYMIRROR

Dr.Pratik Prabhakar

Romance Fantasy

4  

Dr.Pratik Prabhakar

Romance Fantasy

जरूरत

जरूरत

1 min
205

मेरे अंधियारे जीवन में

लौ की जरूरत

मेरे अरमान के आकाश में


सूरज की जरूरत

मेरे खाली दिल में

धड़कन की जरूरत

मेरे खाली मंदिर में


मूरत की जरूरत

मेरे आँखों में बसे

सूरत की जरूरत

मेरे रगों के खून में


उबाल की जरूरत

मेरे संसार में

बबाल की जरूरत

पुकारा करूँ एक नाम

उस नाम की जरूरत।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance