STORYMIRROR

सामंत कुमार झा 'साहित्य'

Inspirational

4  

सामंत कुमार झा 'साहित्य'

Inspirational

जो हो जाए

जो हो जाए

1 min
24.3K

जो हो जाए जग बचाना है,

इसे हमें अब महकाना हैं।


जीवन पटरी पर लौट सके,

कोरोना जड़ से मिटाना हैं।


भले ही इसमें वक्त लगे पर,

हमे ये करके ही दिखाना हैं।


क्यूं किसी को दोषी ठहराए,

सबको मिल हाथ बटाना हैं।


कोरोना काल खत्म हो जाए,

इसलिए दवा के ढूंढ लाना हैं।


कोरोना ख़त्म होने पर हमें,

फिर संसार नया सजाना हैं।


जो हुआ भूलकर सब कुछ,

हमे आगे बस बढ़ जाना हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational