ज्ञान पर अभिमान।
ज्ञान पर अभिमान।
ज्ञान पर अभिमान नहीं करना,
ज्ञान का सदा प्रचार ही करना।
कहते जो ज्ञान पर घमंड करते,
वो मूर्ख प्राणी ही कहें ज़माना।
छोटा या बड़ा कोई भी हो यहाँ,
सब को चाहिए हर जगह ज्ञान।
शिक्षा चाहे एकेडमिक हो यहाँ,
तन्त्र ज्ञान बहुत ज़रूरी है यहाँ।
स्वयं हमें भी सदा हँसते रहना,
रोते को भी हमने सदा हँसाना।
यारों ये यथार्थ ज्ञान जीवन का,
ख़ुशहाल ज़िन्दगी गर बिताना।
निराशा रूपी अँधेरा है भगाना,
ज्ञान का प्रकाश सदा फैलाना।
कुछ लोग महा कंजूस हो सदा,
कुछ लोग महालालची है सदा।
उन्हें चाहे जितना भी ज्ञान देते,
उनकी अक़्ल पर फ़र्क़ ना पड़ा।
सफलता सदा तभी ही मिलना,
ज्ञानी व बुद्धिमान ज़रूरी होना।
पुस्तकें ज्ञान बढ़ाने का स्त्रोत है
जानकारी बढ़ाने का ये स्त्रोत है।
