जन्नत की परी
जन्नत की परी
देखा नहीं है फिर भी दीवाना बन गया हूं,
तस्वीर तुम्हारी देखकर मस्ताना बन गया हूं,
जरुर तुम होगी जन्नत की परी जैसी,
ईस लिये मै तुम को मिलने का सोच रहा हूं।
संदेशा तुम्हारा पढकर रोमांचित हो गया हूं,
तुम को ख्वाबोंमें देखने के लिये तडप रहा हूं,
जरुर तुम होगी मेरे दील में बसाने जैसी,
ईस लिये मै तुम को मिलने का सोच रहा हूं।
तुम्हारा सुंदर चेहरा तस्वीर में देख रहा हूं,
तुम्हारे मधुर अल्फाज़ को सूनना चाहता हूं,
जरुर तुम्हारे अल्फाज़ होगे गज़ल जैसे,
ईस लिये मै तुम को मिलने का सोच रहा हूं।
तुम्हारे खयालोंमें डुबकर रात बिता रहा हूं,
तुम्हारी सुंदरता में मदहोंश बनना चाहता हूं,
"मुरली" तुम होगी खुदा की कयामत जैसी,
इस लिये मैं तुम को मिलने का सोच रहा हूं।

