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Nand Lal Mani Tripathi pitamber

Romance

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Nand Lal Mani Tripathi pitamber

Romance

जज्बा

जज्बा

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कहीं है आग जज्बे में 

कहीं तूफां मचलते हैं

बेचैन शमा कहीं पे है 

परवाने भी जलते हैं,परवाने

भी जलते हैं।।

कहीं जो मिल जाओ हमदम

दिल को करार आये।।

कभी चाहत, कभी है ख्वाब

कभी अरमा थिरकते हैं 

कहीं किस्मत से मिल जाओ 

चाँदनी का चाँद मिल जाये।।

कहीं है आग जज्बे में कहीं

तूफां मचलते है

बेचैन शमां कहीँ पे है 

परवाने भी जलते हैं

परवाने भी जलते हैं।।

कभी है काश, कभी एहसास

कभी सांसो की गर्मी है 

धड़कते दिल की धड़कन में

कभी जज्बात जिंदगी

कहीं ज़िंदगी मे मिल जाओ 

बहारो से जिंदगी मिल जाये।।

कहीं है आग जज्बे में कहीं

तूफां मचलते है

बेचैन शमां कहीँ पे है 

परवाने भी जलते हैं

परवाने भी जलते हैं।।



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