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Manjul Manzar Lucknowi

Abstract

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Manjul Manzar Lucknowi

Abstract

जिसने पाया वो खुशी से झूम उठा

जिसने पाया वो खुशी से झूम उठा

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साल भी गुज़रा पुराना हो गया। 

ग़म खुशी का आना जाना हो गया। 


जिसने पाया वो खुशी से झूम उठा, 

जिसने खोया वो दीवाना हो गया। 


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