STORYMIRROR

Sudershan kumar sharma

Inspirational

4  

Sudershan kumar sharma

Inspirational

जिंदगी

जिंदगी

1 min
798

गुजर जाता है हरेक पल

जिंदगी का इस तरह, 

ऐसा लगता है जैसे बीता हो

कल की तरह। 

गुजर जाती है ज्यों ही जिंदगी पलक

झपकती है जैसे, गुजर जाती 

हैं रातें जैसे ख्वाब की तरह। 


 भूला देते हैं कुछ रिश्ते आसानी

से मगर भूलता नहीं

अच्छा हमसफर सब की तरह। 

बिछुड़ जाते हैं कुछ रिश्ते

अनजान मोड़ पर, 

हवा के झोंके बदलते जिस

तरह। 


कई अरसे गुजर जाते हैं

सुदर्शन, पर भूल नहीं पाते

 वो सारी उम्र के हमसफर थे

जिस तरह। 


रह जाता है सब कुछ 

इस यहां में सुदर्शन, 

चलते रहते हैं जिंदगी के

मेले इस कदर यहां। 

 गुजार ले हर लम्हा जिंदगी

का हंस खेल कर हे वन्दे

कौन देखेगा तुम कहां

हम कहां।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational