STORYMIRROR

PRAHLAD pk verma

Romance

3  

PRAHLAD pk verma

Romance

जिंदगी की रफ्तार

जिंदगी की रफ्तार

1 min
150

जिंदगी की रफ्तार का

तो पता नहीं मगर 

मैं उस एक शख्स को 

साथ लेने के लिए

कभी कभी इतना तेज 

दौड़ लेता हूं 

कि वो साथ हो जाए और

कभी कभी इतना धीमा चल लेता हूं 

कि वो मेरे साथ हो जाए 

मगर फिर भी हम एक नहीं हो पाए 

न कभी सुकून 

से वो मुझसे मिली और

न कभी मुझे फुर्सत मिली 

बस एक दूसरे के साथ के लिए 

बेचैन हुए बैठे...



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance