STORYMIRROR

PRAHLAD pk verma

Romance

2  

PRAHLAD pk verma

Romance

तुमने हाथ दोस्ती का बढ़ाया ही.

तुमने हाथ दोस्ती का बढ़ाया ही.

1 min
53

आज तक मैंने चाय के कप में

चाय का एक घूंट तक नहीं छोड़ा 

तेरा साथ कैसे छोड़ देता... 

तुमने हाथ दोस्ती का बढ़ाया ही नहीं

मैं तेरे लिए सब कुछ छोड़ देता...

तुम एक दफा आवाज दे कर तो देखते मुझे 

मैं तेरे लिए दुख से भी रिश्ता जोड़ लेता...



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance