STORYMIRROR

Versha Gupta

Abstract

2  

Versha Gupta

Abstract

जिंदगी की बाजी

जिंदगी की बाजी

1 min
252

ऐसा तो होता रहता हैं

हार जीत तो चलती रहती हैं।


कभी हम रंक, कभी तुम राजा

ये जिंदगी की बाजी हैं, मेरे यारा।


आज तुम्हारा दिन, कल हमारा होगा

तुम होगें रंक, हम होगें राजा।


ना कर ना जीत पर, अभिमान कभी

समय नहीं रहता, एक सा कभी।


चाहे चले जाओ, तुम शीर्ष पर

वाह-वाही करने वाले, मिलेंगे नीचे।


ऐसा तो होता रहता हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract