STORYMIRROR

Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Thriller Others

4  

Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Thriller Others

जीवन

जीवन

1 min
335

जीवन चलने का नाम है,

चलना ही जीवन काम है,

ये सत्य है कि चलते हुये,

होती जीवन की शाम है।


निराशा बुरी है जगत में,

कभी नहीं होना निराश,

जीवन में लड़ते रहना है,

जब तक तन में हो सांस।


असफलता राह दिखाए,

कभी नहीं दुख तुम पाये,

हार कर जीत मिलती है,

हार नया रास्ता दिखाये।


चाबी के गुच्छे सम हो,

यह छोटी सी जिंदगानी,

हार नहीं मिलती कभी,

सफलता सभी ने मानी।


लौट जाती है हार भी,

जब मिलता जीत राह,

करते रहो प्रयास सदा,

पूरी होगी जन की चाह।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Thriller