जीवन को महकना है
जीवन को महकना है
जीवन को फूलों सा महकना है
अभी तो चिड़िया सी बनकर चहकना है।
बहुत कुछ है जो करना है
जीवन में भले ही बिछे हो कांटे
पर उन कांटों को ही फूलों में बदलना है।
सतत निरंतर कर्मरत रहकर
प्रसन्नचित्त ही रहना है।
जीवन में आने वाली प्रत्येक नकारात्मकता को
सकारात्मक में ही बदलना है।
अब बड़ा लिए है कदम जो आगे,
आओ मेरे पीछे जिसने भी चलना है।
मिलजुल कर फैलाएंगे खुशियां ही खुशियां।
मानव मानव में कोई भेद नहीं करना है।
प्रकृति ने नहीं किया कोई भेदभाव।
सूर्य चंद्र ने समय पर सबके लिए चमकना है।
फल फूल उगते प्रचुर मात्रा में ,नदियों ने भी बहना है।
यह जीवन जो परमात्मा ने दिया है
धन्यवाद भी उनको करना है।
इस जीवन को विकारों में ना गंवा कर
फूलों की तरह ही महकना है।
