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Brijlala Rohanअन्वेषी

Inspirational

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Brijlala Rohanअन्वेषी

Inspirational

जीवन के बाद

जीवन के बाद

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कुछ नहीं बचा है जीवन के बाद, 

मोक्ष, मुक्ति कुछ नहीं!

सबकुछ इसी चार दिन की जिन्दगी में ही निहित है,

इसलिए जिंदगी को जी भर कर जी लें हम!


सारे गिले-शिकवे को छोड़ हम जिन्दगी को खुल कर जिएं हम, 

क्या पता जीवन के बाद हमारा क्या होगा?

कुछ इस तरह जीएं हम की इस जीवन के बाद भी याद किये जाएं!

कुछ कर दिखाएं हम ऐसा, जो किसी न किया हो पहले वैसा !

और सभी हमसे प्रेरणा पाकर करना चाहें हमारे जैसा ।

कुछ इस तरह सार्थक और अनुकरणीय हो जीवन हमारा, 

की कोई उंगली उठाने से पहले भी हर बार सोचे दुबारा!

हाँ! कुछ इस तरह का जीवन जिएं हम ,

सदैव समभाव रहे चाहे खुशियां हो या चाहे हो दुनिया भर का ग़म!

जीवन को जी भर कर जी ले हम!

माना कि जिंदगी चार दिन की ही है ,

मगर सुकून से जीने के लिए ये चार दिन भी नहीं है कुछ कम ।


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