जीवन का आनंद
जीवन का आनंद
दिन 4- रंग-पीला
पीला रंग आनंद और प्रफुल्लित का प्रतीक है
जीवन का आनंद
आओ जिंदगी गाते चले
कुछ गुनगुनाते चले
कुछ मन की बाते कहते चले
रूठे को मानते चले
जितना भी बाकी है जीवन हंसकर गुजार ले
सबको अपना प्यार बाँट दे जो दे उससे प्यार ले
खट्टी मीठी यादों का उजियारा अपने पास रखे
सबका प्यार मिलेगा हमेशा मन में ये आशा रखे
आओ जीवन की कहानी प्यार से लिखते चले
कुछ बोल मीठे बोलते चले
कुछ रिश्ते नए बनाते चले
यह जीवन तो क्षण भंगुर, इसका कैसा मोह करे
सबको एक दिन जाना हैं तो कैसा मिलन विछोह करे
क्या लाए थे क्या ले जायेंगे
आओ कुछ लुटाते चले
आओ सब के साथ चलते चले
जिंदगी का सफर यूं ही काटते चले
तेरे ही कर्मों की यादें इस दुनिया में सदा रहे
अच्छाई तुम्हारी सदा लोग याद करे
सुन्दर सपनों के ताने बाने बुन
उसमें उलझने की कोशिश न करे
चल समय के साथ चल उसमें सिमटने की कोशिश न करे
जो मिल गया उसमें खुश रहा करे
जो सुकून छिन ले वो पाने को न तरसा करे
इसलिए कहते हैं जिंदगी के रास्तों का आनंद ले
खुशी सभी में संग बांटकर गैरों से भी ख़ुशियाँ पाया करे।
