STORYMIRROR

shelly kulwanshi

Inspirational

4  

shelly kulwanshi

Inspirational

जीवन और मृत्यु

जीवन और मृत्यु

1 min
521

मछली का जीवन पानी में ही है

इंसान का जीवन धरती पर

एक पानी मैं नहीं रह सकता

तो दूसरा धरती पर 

दोनों ही कठपुतली है ईश्वर की

जिनकी डोर उनके हाथ में ही है


पुनर्जन्म होता है तुम्हे कैसे पता

तुम इसी जन्म को सुधार लो 

इसी में है तुम्हारा भलाा 

सुधार लोगे इस जन्म को

मिलेगा फल भी तुम्हे और 

गम हो जायेगा लापता


सब कुछ यहीं छोड के जाना है

अच्छे कर्म करो क्युँकि 

मरने के बाद तुुम्हारा पैैैसा नही बल्कि 

लोगों को  तुम्हारे अच्छे कर्म याद आनेे हैं

मिसाल बन तू लोगों के लिए और सोच ले

की पहुँचाना हर गरीब के पास खााना है


ए इंसान , मंदिर में हजारो रुपये दान मत कर 

अगर भूखे बच्चे को  देेेगा रोटी तू दो वक्त की

भगवान. इतने खुुुश हो जायेेंगे 

बरककत होगी तेेेेरे घर में

और खुशी इतनी होगी तुझे की जैसे

मिल गया हो तुझे “आस्कर"।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational