STORYMIRROR

Jayantee Khare

Inspirational

3  

Jayantee Khare

Inspirational

नई आस

नई आस

1 min
315


दिन के बाद है रात को आना 

नया नहीं यह चलन पुराना 

बीत चुके पर क्या पछताना 

दिन आया है नया सुहाना 


नई किरण है नई उमंग है 

नया रंग है नई तरंग है 

ओस बूंद से हुई सिंचाई 

खिली कली बहार है आई


खिले कमल दल रात गुजर गई 

अब तो पुरानी बात गुजर गई 

केसरिया है नभ की आभा

तन मन में नवजीवन जागा


चलो उठो अब शरुआत हो

छोड़ पुरानी नई बात हो

मानो तो कई खुशी पास है

दिन नया है नई आस है


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational