STORYMIRROR

Priyanka Shrivastava "शुभ्र"

Abstract

3  

Priyanka Shrivastava "शुभ्र"

Abstract

जागृति गान

जागृति गान

1 min
388

जागृति गान

जागो जागो जागो रे

नव बिहान आया रे

नव स्फूर्ति संग जागो


नव विधान ले के जागो

नव प्रभात आया है

नव-रश्मि लाया है।

हिम किरीट सा धवल


बना ले पथ उज्ज्वल

सोच को धवल कर

मलिन विचार तज कर

हाथ बढ़ा के थाम ले

अशक्तों को उबार ले।


सभी बने रहे सशक्त

नौ निहाल ऐसा कर

जागो जागो जागो रे

नौ निहाल जागो रे

नव बिहान आया रे।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract