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इश्क़

इश्क़

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क्या हुआ अगर रोज़

मैं तुमसे मिलता नहीं

क्या हुआ अगर रोज़

मैं तुमको सुनता नहीं

ये जो दूरियाँ हैं

हाँ कुछ कुछ-सी मजबूरियां हैं

और भी गहरा करेंगी इश्क़ के रंग को

हाँ वही रंग जो सफेद सा है

किसी मिलावट से दूर !!


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