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Rahul JERRY

Romance Classics Fantasy

4  

Rahul JERRY

Romance Classics Fantasy

Ishq ke sawal

Ishq ke sawal

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क्या रक्खा हुआ है इश्क़ के जंजालों में

अव्वल दर्जे के छात्र भी उलझ पड़े, इन सवालों में


मैं भी एक मुर्दे की तरह कैद में हूं,

फर्क इतना, वो कब्र में है, मैं किसी के ख्यालों में


खुदा ने सूरजमुखी के साथ वो चहरा बनाया है दोस्त

होश खुद–ब–खुद होश खो देता है ,उसके उजालों में


असल नशा तो उसकी निगाओं में था साकी

हम बे–अक्ल लोग ढूंढ़ते रहे शराब के प्यालों में


मेरी गजलों को तो अच्छा होना ही था jerry

वो एक बोसा देती है, शेर की मिसालों में।


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