STORYMIRROR

sargam Bhatt

Abstract Romance Inspirational

4  

sargam Bhatt

Abstract Romance Inspirational

इश्क

इश्क

1 min
189

दूर जाकर तुम मुझे भूल जाते हो,

तुम्हें क्या पता तुम कितना याद आते हो।


दूर रहकर भी मुझे कितना सताते हो,

बिना बताए ही पास आ जाते हो।

बिना बताए जब तुम पास आते हो,

तुम्हें क्या पता मुझे कितनी खुशी दे जाते हो।

दूर जाकर तुम..…….…...


कभी हंसाते हो , कभी रुलाते हो,

'वक्त नाम का कीमती तोहफा दे जाते हो।

जब जब मैं तुमसे रूठ जाती हूं,

अनोखी बातों से तुम मुझे मनाते हो।

दूर जाकर तुम............


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract