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sargam Bhatt

Abstract Romance Inspirational

4  

sargam Bhatt

Abstract Romance Inspirational

इश्क

इश्क

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दूर जाकर तुम मुझे भूल जाते हो,

तुम्हें क्या पता तुम कितना याद आते हो।


दूर रहकर भी मुझे कितना सताते हो,

बिना बताए ही पास आ जाते हो।

बिना बताए जब तुम पास आते हो,

तुम्हें क्या पता मुझे कितनी खुशी दे जाते हो।

दूर जाकर तुम..…….…...


कभी हंसाते हो , कभी रुलाते हो,

'वक्त नाम का कीमती तोहफा दे जाते हो।

जब जब मैं तुमसे रूठ जाती हूं,

अनोखी बातों से तुम मुझे मनाते हो।

दूर जाकर तुम............


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