STORYMIRROR

Madhu Jain

Drama

3  

Madhu Jain

Drama

इश्क

इश्क

1 min
27.5K


ये इश्क है,

तभी तो जुड़ाव है,

ये इश्क है,

तभी तो लगाव है।


ये इश्क है,

तभी तो परवाह है,

इश्क है तो,

मिलने की चाह है।


इश्क नहीं तो,

सब कुछ बेकार,

इश्क ही तो है,

जीवन का सार।


इश्क है,

राधा-कृष्ण का प्यार,

इश्क के हैं रंग,

कई हजार।


इश्क है,

मीरा की भक्ति,

इश्क है,

हनुमान की शक्ति।


इश्क की बहुत,

गहरी चाल,

लैला मजनू,

और महिवाल।


इश्क प्राण है,

इश्क जान है,

इश्क बिना सब,

मृत समान है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Madhu Jain

शब्द

शब्द

1 min पढ़ें

इश्क

इश्क

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Drama