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Madhu Jain

Others

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Madhu Jain

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शब्द

शब्द

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शब्दों में शब्द मिलाने से,

शब्दों से राग नहीं बनते

शब्दों शब्दों के कहने से,

भूखों के पेट नहीं भरते।


शब्दों में ही उच्छखलता है,

है शब्द उथली लहरों सा

गहराई शब्दों में सागर सी,

शब्दों में क्रंदन सरिता सा।


शब्दों शब्दों में फेर बड़ा,

दुख दूर भी होते शब्दों से

शब्दों में प्रेम भरे होते,

कटुता भी भरती शब्दों से

न लहू बहा न आंसू,

पर ये घाव हुआ है शब्दों से


शब्दों की महिमा न्यारी,

ये घाव भरा है शब्दों से

मायाजाल है शब्दों का,

थोड़ा सबक लो शब्दों से


संबंध बने सब शब्दों से,

दुश्मनी भी होती शब्दों से

शब्दों को शब्द ही रहने दो,

सुअर्थ ही लो शब्दों से


जोड़ो शब्दों को सुशब्दों से,

सुराग बनाओ शब्दों से



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