Pratibha Shrivastava Ansh
Inspirational
अगर इश्क करना ही है तो,
अपने वतन से करना
इसकी माटी से निकलती,
खुश्बू को शिद्दत से महसूस करना
बांधना ही है गर रक्षा-कवच तो,
सरहद पर तैनात उन भाइयों को बांधना,
जो सिर्फ तुम्हारे लिए,
रोज ही होली खेलता...
कुछ ना बदला
मजदूर
गांधारी
होलिका
अहसास
बसन्त
बसंत
अनकहा
इश्क
शिकायत
बंद आँखें देख, अन्याय खुल जाए। रहस्यमय कोई मैं, बात रखती हूँ। बंद आँखें देख, अन्याय खुल जाए। रहस्यमय कोई मैं, बात रखती हूँ।
ग़र सत्य है तुम्हारा समर्पण, मेरे प्रति तो बिना किसी शर्त मुझे अपनाना होगा। ग़र सत्य है तुम्हारा समर्पण, मेरे प्रति तो बिना किसी शर्त मुझे अपनाना होगा।
आंसू बहते हर वक्त है मां तू ही मेरी जन्नत है मां तू ही मेरी मन्नत है। आंसू बहते हर वक्त है मां तू ही मेरी जन्नत है मां तू ही मेरी मन्नत है।
पदचिन्ह उन्हीं के बनते हैं जो सबसे आगे जाते हैं। पदचिन्ह उन्हीं के बनते हैं जो सबसे आगे जाते हैं।
सबका हित सोच ले हिंदी है अनमोल प्राणी, सबका हित सोच ले हिंदी है अनमोल प्राणी,
जिनकी जिंदादिली यहां जिंदा रहती है। जिनकी जिंदादिली यहां जिंदा रहती है।
गुरु गोविन्द के मध्य गुरु ही प्रथम पुज्जते जिसने बताय भगवान् है। गुरु गोविन्द के मध्य गुरु ही प्रथम पुज्जते जिसने बताय भगवान् है।
इंसानियत अपना… क्योंकि वही है तेरी असली पहचान। इंसानियत अपना… क्योंकि वही है तेरी असली पहचान।
जो भी होगा सब अच्छा ही होगा तू सच्चा है तो मंगल ही होगा। जो भी होगा सब अच्छा ही होगा तू सच्चा है तो मंगल ही होगा।
दीप सा प्रज्वलित हो हर भारतवासी प्रफुल्लित हो। दीप सा प्रज्वलित हो हर भारतवासी प्रफुल्लित हो।
न मन को यूं तू अशांत कर न झूठ से आघात कर अपनों से सीधी बात कर! न मन को यूं तू अशांत कर न झूठ से आघात कर अपनों से सीधी बात कर!
जैसे कुम्हार गीली मिट्टी से बर्तन बनाता , शिक्षक जीवन का नव अर्थ सिखलाता। जैसे कुम्हार गीली मिट्टी से बर्तन बनाता , शिक्षक जीवन का नव अर्थ सिखलाता।
जग वालों को रंग मुबारक़ मुझको मेरा जंग मुबारक ।। जग वालों को रंग मुबारक़ मुझको मेरा जंग मुबारक ।।
फिर से अपनी राहों को मातृभूमि के तरफ़ ले चलते हैं। फिर से अपनी राहों को मातृभूमि के तरफ़ ले चलते हैं।
ज़िन्दगी की लड़ाई में, फ़तह का झंडा फैलाने के लिए। ज़िन्दगी की लड़ाई में, फ़तह का झंडा फैलाने के लिए।
ये दिल जानता है फिर भी , अपने दायरे में रह नहीं सकता । ये दिल जानता है फिर भी , अपने दायरे में रह नहीं सकता ।
इंसानी रूप में छवि , गुरु ब्रम्हा की है। माँ सरस्वती के ज्ञान भण्डार को हर पल बढ़ाया! इंसानी रूप में छवि , गुरु ब्रम्हा की है। माँ सरस्वती के ज्ञान भण्डार को हर पल...
विश्व की तकदीर चमकाते हैं स्वास्थ्य का मंत्र सीखते व सिखाते हैं। विश्व की तकदीर चमकाते हैं स्वास्थ्य का मंत्र सीखते व सिखाते हैं।
राम का नाम भवसागर पार करा देता है राम बनना जीवन को असहय बना देता है। राम का नाम भवसागर पार करा देता है राम बनना जीवन को असहय बना देता है।
नाम रोशन कर रहीं क्या खूब बेटियाँ आने वाले समय की हैं भूप बेटियाँ। नाम रोशन कर रहीं क्या खूब बेटियाँ आने वाले समय की हैं भूप बेटियाँ।