इश्क की आग
इश्क की आग
आजकल
कुछ इस कदर
बढ़ती जा रही
इश्क की आग
सोचूँ मैं कब से
इतना भी ना
निकलता होगा
टिकिया का झाग।
आजकल
कुछ इस कदर
बढ़ती जा रही
इश्क की आग
सोचूँ मैं कब से
इतना भी ना
निकलता होगा
टिकिया का झाग।