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Nikita Bagga

Children

3  

Nikita Bagga

Children

इसे जगाओ

इसे जगाओ

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भई सूरज, 

जरा इस आदमी को जगाओ।

भई पवन, 

जरा इस आदमी को हिलाओ।

यह आदमी जो सोया पड़ा है, 

जो सच से बेखबर, 

सपनों में खोया पड़ा है।

भई पंछी, 

इस के कानों पर चिल्लाओ।

भई सूरज, 

जरा इस आदमी को जगाओ।

वक्त पर जगाओ, 

नहीं तो बेवक्त जागेगा यह, 

तो जो आगे निकल गए हैं, 

उन्हें पाने घबराकर भागेगा यह।

घबराकर भागना अलग है, 

शिप्र गति अलग है, 

शिप्र तो वह है

जो सही क्षण में सजग है।

सूरज, इसे जगाओ।

पवन, इसे हिलाओ।

पंछी इसके कानों पर चिल्लाओ।

जरा इस आदमी को जगाओ।


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