Nikita Bagga
Comedy Children
यह चूहा छोटा सा
लगता बड़ा मासूम है,
पर है बहुत शरारती
कुतर चाहता सब के कपड़े यह।
ना करो विश्वास
इस भोली सूरत पर
खा जाएगा सारे लड्डू
कुतर कुतर के।।
इसको पकड़ना बड़ा कठिन
छुप जाता है कहीं कोने में।
पिपीलिका
शरारती चूहा
इसे जगाओ
इन ग्रहों के चक्कर में हमारी शादी का चक्कर चल नहीं पाया । इन ग्रहों के चक्कर में हमारी शादी का चक्कर चल नहीं पाया ।
मौसम आधी धूप, आधी बदली वाला सा तुरंत उतारी अच्छी सी फोटो मौसम आधी धूप, आधी बदली वाला सा तुरंत उतारी अच्छी सी फोटो
वो मेहनत के दिन वो मीठी झिड़कियों के दिन हर किसी को याद आते हैं वो पुराने दिन। वो मेहनत के दिन वो मीठी झिड़कियों के दिन हर किसी को याद आते हैं वो पुराने दिन...
चुटकियों में मिल जो रहा है, तभी तो वो मुझे अपना गुरु मानने लगा है। चुटकियों में मिल जो रहा है, तभी तो वो मुझे अपना गुरु मानने लगा है।
प्रबंध और उसकी इच्छा तो जरूर पूरी करुंगा। प्रबंध और उसकी इच्छा तो जरूर पूरी करुंगा।
जनता के रक्त की बूंद बूंद पीकर कर रहे रखवाली जनता के रक्त की बूंद बूंद पीकर कर रहे रखवाली
जनवासे में शोर मच गया दूल्हे के दूर का फूफा रूठ गया। जनवासे में शोर मच गया दूल्हे के दूर का फूफा रूठ गया।
बस काम ही काम, तनिक न आराम न अवकाश न चिकित्सा सुविधा या कोई भत्ता। बस काम ही काम, तनिक न आराम न अवकाश न चिकित्सा सुविधा या कोई भत्ता।
उनका तो वायदा ही बदलाव की राजनीति का था शिक्षा के साथ शराब माडल में गुनाह क्या है? उनका तो वायदा ही बदलाव की राजनीति का था शिक्षा के साथ शराब माडल में गुनाह क्य...
आपके टिकट का अग्रिम अनुबंध हो गया है। बस! अब आप तैयारी कीजिए। आपके टिकट का अग्रिम अनुबंध हो गया है। बस! अब आप तैयारी कीजिए।
ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया। ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया।
क्या होती है गरीबी? क्या करती है ये गरीबी? क्या होती है गरीबी? क्या करती है ये गरीबी?
बिना कविता सुनने के कोई और मार्ग है क्या? बिना कविता सुनने के कोई और मार्ग है क्या?
वरना सुनना पड़े, वो मंजवाती है बरतन, आप पैर दबवाओगे। वरना सुनना पड़े, वो मंजवाती है बरतन, आप पैर दबवाओगे।
बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता। बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता।
दूसरों के पैरों की ठोकर खाने के लिए वहीं पड़ा रहने दिया दूसरों के पैरों की ठोकर खाने के लिए वहीं पड़ा रहने दिया
जानूँ ! सारी !! मुझे देर हो गई !’ प्रीति पर्व की लो ढेरों बधाई !! जानूँ ! सारी !! मुझे देर हो गई !’ प्रीति पर्व की लो ढेरों बधाई !!
सालियों द्वारा जूते चुराने के भरपूर प्रयास किए जा रहे थे, सालियों द्वारा जूते चुराने के भरपूर प्रयास किए जा रहे थे,
साले साली की महिमा ऐसी, मरू में हरे सरोवर जैसी । घर पे होते जो मेहमान , नित मिलते मेवा प... साले साली की महिमा ऐसी, मरू में हरे सरोवर जैसी । घर पे होते जो मेहमान , ...