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Mayank Kumar

Romance

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Mayank Kumar

Romance

इरादा तो बहुत था

इरादा तो बहुत था

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इरादा तो बहुत था कि तुन्हें जी भर के देखूं

मुद्दत से ही मिलती हैं मोहब्बत का दीदार करना


लेकिन, आंखों में वह मंजर भी ताज़ा हो गया

जब सामने एक दीपक सा बनकर तुमने


मेरे दिल को आवाज़ देकर कीट-पतंगों सा

अपनी ओर आकर्षित करके मुझे ख़ाक किया था 

इरादा तो बहुत था कि तुम्हें जी भर के देखूं।


तुम्हारे इश्क़ की हवा ने मुझे

उत्तर दिशा सा जीना सिखाया

जहां एक ध्रुव तारा अकेला तन्हा रोता था।


अनगिनत तारों के झुंड में वह ख़ूबसूरत तो था

लेकिन, अकेला व्यग्र मन लिए जला करता था

वैसे किसी ने मुझसे सच कहा था एक वक़्त,

'शून्यता का सूचक उत्तर दिशा ही हैं।


व मृत्यु का आनंद एवं जीवन का सत्य भी'

पर, आजकल हवा भी दिशा ख़ूब पहचानते हैं


तभी तो उसने मुझे उत्तर दिशा सा जीना सिखाया

इरादा तो बहुत था कि तुम्हें जी भर के देखूं।


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