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Divya B c

Romance

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Divya B c

Romance

इंतजार

इंतजार

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क्या कोयी अन्जान है, 

या तेरे मुस्कान है,


इन लबों को ढूंढकर

चली एक शहर में, 


खो गये हम इन

ख्वाबों की गलियों में,


ये है तन्हाइयाँ और

कहीं लेह्राइया,


सुनो कि हम यहां है,

जहाँ जाए तेरा एहसास है,

क्यूंकि ये हमसफ़र है।


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