STORYMIRROR

Divya B c

Romance

3  

Divya B c

Romance

इंतजार

इंतजार

1 min
267

क्या कोयी अन्जान है, 

या तेरे मुस्कान है,


इन लबों को ढूंढकर

चली एक शहर में, 


खो गये हम इन

ख्वाबों की गलियों में,


ये है तन्हाइयाँ और

कहीं लेह्राइया,


सुनो कि हम यहां है,

जहाँ जाए तेरा एहसास है,

क्यूंकि ये हमसफ़र है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance