Divya B c
Abstract
ज़िन्दगी के हर लफ्ज़ में,
सुनहरा ख्वाहिशों है
सोचते ही वक़्त निकलते हैं,
मन को कुछ तो कहने दे
सुबह की बूंदें पत्तियों में,
शाम की बुँदे बारिश में।
हम हैं कहाँ, कुछ न पता
बस चल रहे हैं आगे,
है वहाँ, नया जहान।
प्यार के रास्...
अंतरंग के शीश...
इंतजार
सोच 🌌🎹
बस एक ही गूंज चलेगी जय श्री राम जय श्री राम.. बस एक ही गूंज चलेगी जय श्री राम जय श्री राम..
ऑनलाइन के हज़ार दोस्तों के आगे सच्ची दोस्ती भूल गए, ऑनलाइन के हज़ार दोस्तों के आगे सच्ची दोस्ती भूल गए,
प्यार से बनाये ये रिश्ते कभी शक की आग में जलने ना देना, प्यार से बनाये ये रिश्ते कभी शक की आग में जलने ना देना,
रखें है मैंने पुष्प बिछा हर मार्ग पर अपना हृदय बिछा। रखें है मैंने पुष्प बिछा हर मार्ग पर अपना हृदय बिछा।
काश हम तुमसे ना मिले होते तो अच्छा होता, दर्द तुमको भी हम दे बैठे, काश हम तुमसे ना मिले होते तो अच्छा होता, दर्द तुमको भी हम दे बैठे,
अपनी समझदारी से ही हमको हर तूफान से बाहर आना होगा, अपनी समझदारी से ही हमको हर तूफान से बाहर आना होगा,
जीवन में जो कर दे मंगल मैं नित्य हरी नाम का जाप करूं जीवन में जो कर दे मंगल मैं नित्य हरी नाम का जाप करूं
मुझे ऐ दिल तुझको बताना है मेरी तमन्नाओं की नई तस्वीर सज़ा रहा है, मुझे ऐ दिल तुझको बताना है मेरी तमन्नाओं की नई तस्वीर सज़ा रहा है,
उसके चेहरे पर उदासी ना आये इतना कर्म कर देना, उसके चेहरे पर उदासी ना आये इतना कर्म कर देना,
बरसो बाद जिस ने दिल को छुआ है, बस उसी के साथ ये सफर कट जाए । बरसो बाद जिस ने दिल को छुआ है, बस उसी के साथ ये सफर कट जाए ।
तुम फिर हमको मना लिया करते थे हर पल आस पास रहकर, तुम फिर हमको मना लिया करते थे हर पल आस पास रहकर,
अपनी दुआ कबूल होने की दुआ मांगता होगा, हर कोई है तन्हा तन्हा ये सोच रो लेता होगा, अपनी दुआ कबूल होने की दुआ मांगता होगा, हर कोई है तन्हा तन्हा ये सोच रो लेता ह...
जन -जन का जीवन सादगी, उच्च विचारधारा और उत्कृष्टता की अद्वितीय एक मिसाल हो, जन -जन का जीवन सादगी, उच्च विचारधारा और उत्कृष्टता की अद्वितीय एक मिसाल हो,
कोशिश ये ही रहती है कि वक्त बराबर बाँट दे, लेकिन कोई ना कोई काम अधूरा रह ही जाता है, कोशिश ये ही रहती है कि वक्त बराबर बाँट दे, लेकिन कोई ना कोई काम अधूरा रह ही ज...
वो कहता बहुत कुछ है मगर नजर नहीं मिलाता अब हर शख्स की एक असलियत हैं ये किताब सी आंखें वो कहता बहुत कुछ है मगर नजर नहीं मिलाता अब हर शख्स की एक असलियत हैं ये किताब ...
तुझको मनाना आता है हमको ये खूब जानते हो तुम, तुझको मनाना आता है हमको ये खूब जानते हो तुम,
जिसे अस्वीकार भाव ने बदसूरत बना दिया जिसे अस्वीकार भाव ने बदसूरत बना दिया
कठिन समय की चाल परखना , बस हम तुम रहे सँभलते !! कठिन समय की चाल परखना , बस हम तुम रहे सँभलते !!
देख लला को अवध नरेश, दारुण दर्द सही थी जनता देख लला को अवध नरेश, दारुण दर्द सही थी जनता
हित अपना जो साध खड़े हैं , वही मित्र हैं दंभ भरें ! हित अपना जो साध खड़े हैं , वही मित्र हैं दंभ भरें !