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Prem Bajaj

Romance

3  

Prem Bajaj

Romance

इन्तज़ार तेरे आने का

इन्तज़ार तेरे आने का

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ना जाने क्यूँ एहसास हो रहा है मुझे कि शायद तुझे मेरी याद आई हो

हाथों से अपने दिल को दबा के तुमने मुझे आवाज़ लगाई हो।


तेरे दिल की हलचल मेरे नाम की हो गई हो ,और आँखो में तस्वीर मेरी ढल गई हो

तेज़ हवा कान में कोई सरगोशी कर गई, दो बूंद से तेरी आँख फिर भर गई ।


तलब छोड़ दी मेरे दर्द ने अब मेरी, वो भी फिक्र तुम्हारी करने लगा है ,

दूर हो गए हम तो क्या, मोहब्बत तो कम नहीं हुई हमारी ,

देखो मेरा दर्द भी तुम्हारी  तरह बेवफाई करने लगा है।


अरमान कोई फिर मचला तुम्हारा, मेरा साथ पाने का दीवानगी इससे 

बढ़ कर और क्या होगी , अभी भी इन्तज़ार है तेरे आने का। 


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