इंतजार करते उदास खिलौने
इंतजार करते उदास खिलौने
इन उदास खिलौनों को देख कर आज मन भर आया।
क्या शौक से था इनको लाया गया।
मगर ना कोई इनसे खेल पाया।
कारण कोरोना ने था सबको अटकाया।
हाथी घोड़ा गाड़ी गुड़िया गुड्डा
बनी सब कुछ बहुत शौक से लाया।
और बड़े बच्चों के लिए मोनोपोली शतरंज
ताश कैरम और चाइनीस चेकर लाया।
मगर हाय री किस्मत इस कोरोना ने सब पर पानी फिरवाया
सब खिलौनों को उदास कर आया।
जो जहां है उसको वही अटकाया ।
ना जाने इसका कहर कब तक रहेगा ढाया।
जब तक इस का कहर हटेगा।
बच्चे सब बड़े हो चुके होंगे ।
इन खिलौनों से खेलने का उनको कोई मजा ना आएगा ।
और यह खिलौने हमेशा उदास ही रह जायेंगे।
