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Mangesh Medhi

Drama

0.5  

Mangesh Medhi

Drama

हुतात्मा वंदन

हुतात्मा वंदन

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वंदे मातरम् | वंदे मातरम्

वंदे सुतम् | वंदे सुतम्

अमर है वे

मन नित्य स्मरण


गर्व है हमे

हम उनकी धरोहर

सत्य सुर्य है

ग्रहण क्षणिक


उदय निश्चित है

प्रकाश ही प्रकाश

मेघ झुठ के हो

या धुंंआ असत्य का


मिटा ना सके

रोक ना सके

उजाला तो नित्य है

नित्य होना हि है


कण कण, बीज बीज

हर आंगन का

सपूत एक एक


क्रांतिबीज बना बलिदान

प्रेरणा बन दौडे रुधीर

वंदे मातरम् | वंदे मातरम्

वंदे सुतम् | वंदे सुतम्



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