STORYMIRROR

Rajesh kumar sharma purohit

Drama

3  

Rajesh kumar sharma purohit

Drama

हत्यारे

हत्यारे

1 min
240

इंसान हो तो इंसानियत सीख लो

निर्दोषों की हत्या तो मत करो


खून पसीने की कमाई खाओ

गला दबा लूटमार तो न करो


आतंकवादी बन न इतराओ

खुदा के ख़ौफ़ से तो डरो


वादियों में कश्मीर की

अमन बना रहे दोस्तों


एकता की मिसाल बनो

कौमी तराने फिर गाओ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama