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Kavita Sharrma

Abstract

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Kavita Sharrma

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होली.…

होली.…

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होली है रंगों का त्योहार

जीवन में लाता खुशियां अपार

सब गिले शिकवे भूल

गले मिलो और बाँटो प्यार


जीवन में भी रंग बहुत हैं

सुख दुःख के प्रतिबिंब अजब हैं

खुशियां लायें उत्साह आनंद

ग़म उदासी निराशा सा बदरंग


होली में चारों ओर बिखरा गुलाल

फिर कैसे रह सकता कोई दिल उदास

रंग लगा कर रंगों से भर दो

चेहरे पर मुस्कान भर दो

हर चेहरा खुशी के रंग में रंग जाए

जीवन ही उत्सव हो जाए 


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