Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Poonam Jha

Romance


4  

Poonam Jha

Romance


होली के बहाने

होली के बहाने

1 min 168 1 min 168

होली के बहाने

मोहे छेड़े सांवरिया

देख-देख ओ सखिया 

 रंग डारे ,

मारे पिचकारी

भिगोये मेरी साड़ी

लाज मोहे आये

भरूँ कैसे गागरिया

रोकूँ कैसे

माने न निर्मोहिया

मोहे छेड़े सांवरिया

देख-देख ओ सखिया

जनम-जनम से

मैं तो रंंगी हूँ

उसके ही रंग में

कोई उसे समझाए

मन अकुलाये

इक पल भी

ओझल हो जाए

सुध-बुध बिसराये

हो जाऊँ मैं बावरिया

अंग-अंग मुस्काये

हिय बसे तू ही सांवरिया

देख-देख ओ सखिया

बड़जोरि करे कन्हैया

होली के बहाने

मोहे छेड़े सांवरिया।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Poonam Jha

Similar hindi poem from Romance