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Poonam Jha 'Prathma'

Romance

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Poonam Jha 'Prathma'

Romance

होली के बहाने

होली के बहाने

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होली के बहाने

मोहे छेड़े सांवरिया

देख-देख ओ सखिया 

 रंग डारे ,

मारे पिचकारी

भिगोये मेरी साड़ी

लाज मोहे आये

भरूँ कैसे गागरिया

रोकूँ कैसे

माने न निर्मोहिया

मोहे छेड़े सांवरिया

देख-देख ओ सखिया

जनम-जनम से

मैं तो रंंगी हूँ

उसके ही रंग में

कोई उसे समझाए

मन अकुलाये

इक पल भी

ओझल हो जाए

सुध-बुध बिसराये

हो जाऊँ मैं बावरिया

अंग-अंग मुस्काये

हिय बसे तू ही सांवरिया

देख-देख ओ सखिया

बड़जोरि करे कन्हैया

होली के बहाने

मोहे छेड़े सांवरिया।


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