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Kapeesh maheshwari

Abstract

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Kapeesh maheshwari

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होली गीत

होली गीत

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रंगों-सा रंग जाये तेरा-मेरा प्यार,

मुबारक होली का त्यौंहार।


प्रेमी कुदरत ने रंग डाला हर पत्ती,हर डाल को,

कृष्ण जैसे दीवानों को,गौरी के ससुराल को,

मेरे हाथों में रंगरसिया,रंगों को,गुलाल को

तूं आजा अब मैं भी रंग दूँ,रंग दूँ तेरे गाल को।

तूं आजा,आजा बस इकबार,


मुबारक होली का त्यौंहार,

रंगों-सा रंग जाये तेरा-मेरा प्यार।


जल जाये सब पाप होली में,हो प्यार वाली भाषा

मोहब्बत रंग जाये धरती पर यह मेरी अभिलाषा

जिसने इस दूनिया को रंगा अपने-अपने प्यार में,

इस होली पर वो बादल तो रहे न फिर से प्यासा।

मोहब्बत जीवन का है सार,


मुबारक होली का त्यौहार,

रंगों-सा रंग जाये तेरा-मेरा प्यार।


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