STORYMIRROR

Praveen Gola

Abstract

4  

Praveen Gola

Abstract

हनुमान की भक्ति

हनुमान की भक्ति

1 min
213

उनतीस जून मंगलवार पड़ा 

बजरंगी का द्वार खुला 

प्रिय डायरी हनुमान की भक्ति

जो करे उसे मिले शक्ति।


हिन्दु धर्म के सबसे बलशाली

हनुमान प्रभु कभी ना करते खाली

जो सच्चे मन से उन्हे ध्यावे 

अपना बेड़ा पार लगवावे।


सुबह उठ उनका गुणगान किया

कर जोड़ प्रभु का ध्यान किया

फिर बढ़े अपनी दिनचर्या की ओर

बीत गई यूँ ही नई भोर।


दोपहर भोजन में मीठा बनाया

कुछ खुद खाया कुछ भोग लगाया

शाम प्रभु की आरती उतारी

फिर आई प्रसाद की बारी।


घर के मंदिर में दीप जलाये

ईश्वर के मंगल गीत गाये 

सुन्दरकाण्ड का पाठ उचारा

तन और मन हुआ तृप्त सारा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract